जानिये कौन है शिक्षक सहयोगी अप्पू ।

दिल्ली स्थित गैर-लाभकारी संगठन रॉकेट लर्निंग ने Google.org के सहयोग से एक नया AI-पावर्ड लर्निंग टूल 'Appu' विकसित किया है, जो प्रारंभिक शिक्षा में क्रांति लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह उपकरण विशेष रूप से तीन से छह वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो व्यक्तिगत और संवादात्मक शिक्षण अनुभव प्रदान करता है।

शिक्षकों के लिए Appu के लाभ:

  • निजीकृत शिक्षण: Appu प्रत्येक छात्र की जरूरतों के अनुसार शिक्षण को अनुकूलित करने में मदद करता है।
  • डेटा-संचालित निर्णय: यह शिक्षकों को छात्रों की प्रगति पर डेटा प्रदान करता है, जिससे वे बच्चों की कमजोरियों को पहचानकर बेहतर सहायता दे सकते हैं।
  • संवादात्मक अनुभव: Appu का संवाद-आधारित शिक्षण अनुभव बच्चों की जिज्ञासा को बढ़ाता है और उन्हें सीखने के प्रति प्रेरित करता है।
  • बहुभाषी समर्थन: हिंदी के साथ-साथ Appu को जल्द ही मराठी, पंजाबी और अन्य 20 भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा।

छात्रों के लिए Appu के लाभ:

  • व्यक्तिगत ट्यूटर: Appu बच्चों की सीखने की गति और समझ के अनुसार खुद को ढालता है।
  • आनंददायक शिक्षा: Appu बच्चों को कहानियों, खेलों और संवादों के माध्यम से पढ़ाई को रोचक बनाता है।
  • वास्तविक दुनिया का अनुभव: Appu बच्चों को रोजमर्रा की चीजों के उदाहरण देकर व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करता है।

रॉकेट लर्निंग का लक्ष्य:

रॉकेट लर्निंग का उद्देश्य 2030 तक 50 मिलियन परिवारों तक Appu को पहुँचाना है, जिससे भारत के वंचित समुदायों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा मिल सके।

सरकारी सहयोग और AI-संचालित मॉडल के माध्यम से, Appu को आंगनवाड़ी केंद्रों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में शामिल करने की योजना है। Appu न केवल बच्चों के लिए एक व्यक्तिगत ट्यूटर की भूमिका निभा रहा है, बल्कि शिक्षकों को भी प्रभावी शिक्षण साधन प्रदान कर रहा है। यह उपकरण भारत में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और सभी बच्चों के लिए शिक्षा को सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।  यह ट्यूटर इंटरएक्टिव और पर्सनलाइज्ड लर्निंग एक्सपीरिएंस देने में सक्षम है, जो बच्चों की शिक्षा को अधिक रोचक और प्रभावी बनाएगा। फिलहाल इसे हिंदी भाषा में पेश किया गया है, और जल्द ही यह 20 से अधिक भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगा, जिसमें मराठी, पंजाबी और अन्य भाषाएं शामिल हैं।

रॉकेट लर्निंग का उद्देश्य बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को सरल और दिलचस्प बनाना है। विशाल सुनील, जो रॉकेट लर्निंग के सह-संस्थापक और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी हैं, ने बताया कि 6 साल की उम्र तक बच्चों के मस्तिष्क का 85% विकास हो जाता है। इसलिए इस उम्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना बहुत जरूरी है।

अप्पू बच्चों की जिज्ञासा को बढ़ाते हुए उन्हें गेमिफाइड और इंटरएक्टिव तरीके से पढ़ाएगा। यह ट्यूटर कहानियां, खेल, चित्र और शिक्षात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखने में मदद करेगा।

अप्पू को शुरुआत में हिंदी में लॉन्च किया गया है, लेकिन इसे जल्द ही 20 से अधिक भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों के बच्चे अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे, जिससे भाषा की बाधा को खत्म किया जा सकेगा।

एआई शिक्षा का भविष्य

भारत में डिजिटल शिक्षा लगातार प्रगति कर रही है, और एआई-आधारित ट्यूटर इस दिशा में एक बड़ा कदम है। यह बच्चों को नवीन और रोचक तरीकों से सीखने का अवसर देगा। इसके साथ ही, माता-पिता और शिक्षकों को भी बच्चों की सीखने की प्रगति को ट्रैक करने में सुविधा होगी।

रॉकेट लर्निंग का अप्पू शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है और बच्चों को नवाचार और तकनीक के माध्यम से एक बेहतर सीखने का अनुभव प्रदान करेगा।


0 Comments

Post a Comment

Post a Comment (0)

Previous Post Next Post